बच्चे की कस्टडी को लेकर बॉम्बे हाई कोर्ट का बड़ा कमेंट
मुंबई : बॉम्बे हाई कोर्ट ने बच्चे की कस्टडी को लेकर बड़ी बात कही है। कोर्ट ने कहा कि बच्चे को माता-पिता दोनों का प्रेम और स्नेह पाने का अधिकार है। पति-पत्नी भले अलग हो जाएं, लेकिन बच्चे का जैविक पिता नहीं बदला सकता। वह हमेशा संतान का पिता रहेगा।कोर्ट ने दूसरी शादी के बाद महिला का 8 साल के बच्चे से उसके जैविक पिता से नहीं मिलने देने को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया है, क्योंकि पिता से बच्चे की दूरी बनना बच्चे की सेहतमंद प्रगति के लिए उचित नहीं है। इससे बच्चे के मनोविज्ञान पर विपरीत असर पड़ता है। लिहाज़ा पिता अपने बच्चे से मिलने का हक़दार है।
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